नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की लंबे समय से कप्तान रहीं हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर दिया। 37 वर्षीय हरमनप्रीत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। उनका यह निर्णय एशियन गेम्स-2026 में भारत को लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक दिलाने के कुछ समय बाद आया है।
हरमनप्रीत ने 2016 में टी20 टीम की कप्तानी संभाली थी और मिताली राज के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद 2022 में उन्हें वनडे और टेस्ट टीम की पूर्णकालिक कप्तानी मिली। 2023 में वह तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम की कप्तान बनीं। अब वह कप्तानी का दायित्व छोड़कर बतौर बल्लेबाज अपने क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाएंगी।
भावुक पोस्ट में कहा- अब नए अध्याय की ओर बढ़ने का समय
कप्तानी छोड़ने की घोषणा करते हुए हरमनप्रीत ने कहा कि यह आसान फैसला नहीं था। उन्होंने अपने नेतृत्व के दौरान टीम के लिए किए गए संघर्ष, त्याग और मुश्किल फैसलों को याद किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा टीम को व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर रखा और अब उन्हें भरोसा है कि भारतीय महिला टीम के पास प्रतिभा, चरित्र और भविष्य के लिए मजबूत आधार है।
हरमनप्रीत ने टीम के साथियों, कोचिंग स्टाफ, प्रबंधन, बीसीसीआई, परिवार और प्रशंसकों का आभार जताते हुए कहा कि कप्तानी खत्म हो सकती है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए उनका प्यार कभी खत्म नहीं होगा। उन्होंने साफ किया कि वह अब खेल के प्रति अपने प्यार के लिए दोबारा बतौर खिलाड़ी मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं।
कप्तानी में भारत ने रचा इतिहास
हरमनप्रीत की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने कई अहम उपलब्धियां हासिल कीं। उनकी अगुआई में भारत ने 2025 में पहली बार महिला वनडे विश्व कप का खिताब जीता। इसके अलावा 2022 और 2026 के एशियन गेम्स में टीम ने लगातार दो स्वर्ण पदक हासिल किए।
हरमनप्रीत ने महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कप्तान के तौर पर भी कई रिकॉर्ड बनाए। उन्होंने 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की कप्तानी की, जो महिला क्रिकेट में इस मामले में एक रिकॉर्ड है। उनके नेतृत्व में टीम ने कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय और बहु-राष्ट्रीय मुकाबलों में सफलता हासिल की।
स्मृति मंधाना पर हो सकती है बड़ी जिम्मेदारी
हरमनप्रीत के कप्तानी छोड़ने के बाद भारतीय महिला टीम के नए कप्तान के चयन पर नजरें रहेंगी। उपकप्तान स्मृति मंधाना टीम की प्रमुख और अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं, इसलिए उनके नाम को स्वाभाविक विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, नए कप्तान पर अंतिम फैसला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और टीम प्रबंधन को करना है।
हरमनप्रीत ने कप्तानी से विदाई लेते हुए यह भी स्पष्ट किया कि उनका क्रिकेट सफर अभी जारी है। अब उनकी भूमिका टीम की कप्तान के बजाय एक अनुभवी बल्लेबाज के तौर पर होगी।




