चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट परिसर में मंगलवार सुबह मजदूरों की लेबर कॉलोनी में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में तीन मंजिला आवासीय भवन धुएं और लपटों से घिर गया। हादसे में दो मजदूर झुलस गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। राहत की बात रही कि समय रहते भवन में रह रहे करीब 352 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
खाना बनाते समय लगी आग, कुछ ही मिनटों में विकराल हुई
जानकारी के मुताबिक, एयरपोर्ट परिसर में टाटा प्रोजेक्ट्स की ओर से मजदूरों के रहने के लिए पीवीसी पैनल से तीन मंजिला आवास बनाया गया था। मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे एक मजदूर सिलेंडर पर खाना बना रहा था। इसी दौरान अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और भवन के कई हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया।
आग और धुआं उठता देख मजदूरों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालांकि, समय रहते सभी मजदूरों को भवन से बाहर निकाल लिया गया।
सामान निकालने की कोशिश में दो मजदूर झुलसे
आवास से बाहर निकलने के बाद कुछ मजदूर अपना सामान बचाने के लिए दोबारा अंदर जाने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान निर्मल और राहुल नाम के दो मजदूर आग की चपेट में आकर झुलस गए। दोनों को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार कराया जा रहा है।
नौ दमकल गाड़ियों ने पाया आग पर काबू
आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की नौ गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से भवन का ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर बुरी तरह जल गए, जबकि ऊपरी हिस्से भी प्रभावित हुए हैं। आग से आवास में रखा सामान भी काफी हद तक जलने की बात सामने आई है।
आग लगने के कारणों की जांच शुरू
थाना प्रभारी राजदेव प्रजापति के अनुसार, आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। घटना के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा टीम के साथ सरोजनीनगर पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
समय रहते सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिए जाने से बड़ी जनहानि होने से बच गई। फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग आग लगने के कारणों के साथ-साथ नुकसान का भी आकलन कर रहे हैं।




