वाराणसी: बेल्जियम से समुद्री मार्ग के जरिए ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पहुंचा करीब 200 टन वजनी ‘वैक्यूम बी’ उपकरण 308 पहियों वाले मल्टी-एक्सल ट्रेलर से चंदौली होते हुए वाराणसी पहुंच गया। विशाल मशीन को लखीमपुर खीरी के कुंभी स्थित बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड (BCML) के प्रस्तावित बड़े पैमाने के PLA बायो-पॉलिमर प्लांट के लिए ले जाया जा रहा है।
41 मीटर लंबा और 8.5 मीटर चौड़ा उपकरण
जानकारी के मुताबिक, बेल्जियम से आया यह विशाल उपकरण करीब 41 मीटर लंबा और 8.5 मीटर चौड़ा है। इसे समुद्री रास्ते से पारादीप लाया गया और वहां से सड़क मार्ग के जरिए लखीमपुर खीरी ले जाया जा रहा है। भारी-भरकम ट्रेलर को विशेष व्यवस्था के साथ धीरे-धीरे आगे बढ़ाया जा रहा है।
एक दिन में 10 से 40 किलोमीटर का सफर
इतने बड़े और भारी उपकरण को ले जाने वाला ट्रेलर सामान्य गति से नहीं चल सकता। परिवहन के दौरान यह प्रतिदिन करीब 10 से 40 किलोमीटर की दूरी तय कर रहा है। इसके संचालन में रोजाना करीब 200 से 300 लीटर डीजल की खपत बताई गई है।
डाफी के पास दलदल में फंस गया था ट्रेलर
वाराणसी पहुंचने से पहले मंगलवार को यह भारी ट्रेलर डाफी टोल प्लाजा के पास बनाए गए वैकल्पिक मार्ग पर दलदल में फंस गया था। करीब 200 टन वजन के कारण ट्रेलर के पिछले हिस्से के कई पहिए जमीन में धंस गए।
मशीन को निकालने के लिए डबल इंजन हाइड्रा और जेसीबी की मदद ली गई। इसके बाद अतिरिक्त मशीनरी और इंजीनियरों की सहायता से रास्ते को दुरुस्त कर ट्रेलर को आगे बढ़ाने की कोशिश की गई।
भारी मशीन देखने जुटी भीड़
विशाल ट्रेलर के वाराणसी पहुंचने के दौरान सड़क किनारे लोगों की भीड़ जुट गई। कई लोग मशीन को देखने और उसके साथ तस्वीरें लेने के लिए रुके। सुरक्षा और सुचारु परिवहन के लिए ट्रेलर के आगे-पीछे विशेष इंतजाम किए गए हैं।
लखीमपुर खीरी में बन रहा PLA बायो-पॉलिमर प्लांट
यह उपकरण बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड के लखीमपुर खीरी के कुंभी स्थित प्रस्तावित इंटीग्रेटेड पॉलीलैक्टिक एसिड (PLA) बायो-पॉलिमर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है। परियोजना जैव-आधारित सामग्री के उत्पादन से जुड़ी है। विशाल उपकरण को अब सड़क मार्ग से लखीमपुर खीरी पहुंचाया जा रहा है।




