अगले एक साल में 50 लाख से ज्यादा पेमेंट डिवाइस लगाने की तैयारी, करीब 25 लाख डिवाइस गांवों में होंगे तैनात
नई दिल्ली। देश में डिजिटल भुगतान के विस्तार के बीच फिनटेक कंपनी फोनपे ने छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों में अपना नेटवर्क मजबूत करने की योजना बनाई है। कंपनी अगले एक साल में 20 हजार से अधिक फ्रंटलाइन सेल्स कर्मचारियों की ऑन-रोल भर्ती करेगी। इसके साथ ही देशभर में 50 लाख से ज्यादा नए पेमेंट डिवाइस लगाने की तैयारी है।
कंपनी के अनुसार, इस विस्तार का मुख्य फोकस ग्रामीण भारत और छोटे शहरों पर रहेगा। प्रस्तावित 50 लाख से अधिक डिवाइस में करीब 50 प्रतिशत यानी लगभग 25 लाख डिवाइस ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए जाने की योजना है। इसका उद्देश्य छोटे दुकानदारों, स्थानीय कारोबारियों और रेहड़ी-पटरी संचालकों को डिजिटल भुगतान व्यवस्था से जोड़ना है।
ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर
फोनपे की प्रस्तावित भर्ती में फ्रंटलाइन सेल्स कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। ये कर्मचारी ग्रामीण और छोटे कस्बाई इलाकों में दुकानदारों को डिजिटल भुगतान नेटवर्क से जोड़ने, केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराने और पेमेंट डिवाइस स्थापित करने में मदद करेंगे।
इसके अलावा दुकानदारों को डिजिटल भुगतान से जुड़ी तकनीकी जानकारी देने और किसी समस्या की स्थिति में मौके पर सहायता उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी इन कर्मचारियों की होगी। कंपनी के पेरोल पर होने के कारण इन भर्तियों को ऑन-रोल रोजगार के रूप में बताया गया है।
छोटे कारोबारियों को डिजिटल लेनदेन से जोड़ने पर जोर
ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान का विस्तार होने से छोटे कारोबारियों के लेनदेन का रिकॉर्ड तैयार होने की उम्मीद है। डिजिटल भुगतान और केवाईसी के जरिए कारोबार की वित्तीय गतिविधियों का रिकॉर्ड उपलब्ध होने पर बैंक तथा अन्य वित्तीय संस्थानों के लिए छोटे कारोबारियों की ऋण जरूरतों का आकलन करना आसान हो सकता है।
कंपनी की योजना को ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और छोटे कारोबारियों को औपचारिक डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में देखा जा रहा है।
एमडीआर और श्रम कानूनों का भी किया उल्लेख
फोनपे ने अपने विस्तार के पीछे मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) से जुड़े ढांचे और श्रम कानूनों में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया है। कंपनी का कहना है कि इन व्यवस्थाओं से डिजिटल भुगतान के बुनियादी ढांचे में निवेश और बड़े स्तर पर भर्ती को लेकर उसे आगे की योजना बनाने में मदद मिली है।
हालांकि, एमडीआर से जुड़े प्रावधानों और नए श्रम कानूनों के प्रभाव को लेकर कंपनी के दावों को संबंधित सरकारी नियमों और आधिकारिक दस्तावेजों के संदर्भ में देखा जाना जरूरी होगा।
गांवों में बढ़ सकती है डिजिटल भुगतान की पहुंच
फोनपे की प्रस्तावित योजना लागू होने पर लाखों नए पेमेंट डिवाइस छोटे कारोबारियों तक पहुंच सकते हैं। ग्रामीण दुकानदारों के लिए डिजिटल भुगतान की सुविधा बढ़ने से नकद लेनदेन पर निर्भरता कम करने और डिजिटल वित्तीय सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
कंपनी का जोर ऐसे क्षेत्रों में नेटवर्क विस्तार पर है, जहां छोटे कारोबारी अभी भी डिजिटल भुगतान के बुनियादी ढांचे से पूरी तरह नहीं जुड़े हैं। योजना के तहत रोजगार, पेमेंट डिवाइस और ऑन-ग्राउंड तकनीकी सहायता को एक साथ विस्तार देने की तैयारी की गई है।




