11 स्नातक-शिक्षक सीटों पर 23 अक्टूबर को वोटिंग, 27 अक्टूबर को आएगा परिणाम; मतदाता सूची में लिपिकीय त्रुटि होने पर पहचान की पुष्टि के बाद डाल सकेंगे वोट
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के लिए चुनाव प्रचार समाप्त हो चुका है। अब 23 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को की जाएगी। चुनाव से पहले मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में नाम या अन्य विवरणों में मामूली लिपिकीय अथवा छपाई संबंधी गलती होने पर किसी पात्र मतदाता को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इस संबंध में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि मतदान के दौरान यदि मतदाता के विवरण में छोटी-मोटी त्रुटि सामने आती है, तो उसकी पहचान की पुष्टि की जाएगी। पहचान सही पाए जाने पर गलती को नजरअंदाज करते हुए मतदान की अनुमति दी जाएगी।
पहचान की पुष्टि के बाद डाल सकेंगे वोट
नवदीप रिणवा के मुताबिक, मतदान केंद्र पर पीठासीन अधिकारी या मतदान अधिकारी को मतदाता सूची में किसी प्रकार की लिपिकीय या मुद्रण संबंधी अशुद्धि दिखाई देती है, तो वह उपलब्ध विवरणों और अनुमन्य पहचान दस्तावेजों के आधार पर मतदाता की पहचान सुनिश्चित करेगा। यदि अधिकारी इस बात से संतुष्ट हो जाता है कि मतदान के लिए आया व्यक्ति वही है, जिसका नाम सूची में दर्ज है, तो उसे वोट डालने से नहीं रोका जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों और मतदान कर्मियों को निर्देश दिए हैं कि इन नियमों का प्रभावी ढंग से पालन कराया जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल मामूली तकनीकी गलती के कारण कोई पात्र मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित न रह जाए।
इलाहाबाद-झांसी खंड में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी समीर और पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने पुलिस लाइन में अधिकारियों और कर्मचारियों को ब्रीफिंग देकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
जिले में मतदान के लिए 24 मतदान केंद्रों के अंतर्गत 33 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए करीब 470 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। पोलिंग पार्टियों को जिला निर्वाचन कार्यालय से रवाना किया जाना है।
जिलाधिकारी ने सभी चुनाव कर्मियों को निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन करने और मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि मतदान केंद्र पर पहुंचने के बाद पोलिंग पार्टियां किसी राजनीतिक दल या उसके प्रतिनिधि का आतिथ्य स्वीकार न करें।
कुशीनगर में सपा ने निष्पक्ष चुनाव की मांग उठाई
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर कुशीनगर में समाजवादी पार्टी ने प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। सपा जिलाध्यक्ष रामअवध यादव के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित कराने की मांग की।
पार्टी ने आरोप लगाया कि महाविद्यालयों, मदरसों, माध्यमिक और संस्कृत विद्यालयों, आईटीआई तथा इंजीनियरिंग कॉलेजों में मतदाताओं पर दबाव बनाए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। सपा ने इन आरोपों की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ये आरोप पार्टी की ओर से लगाए गए हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
कासगंज में स्नातक प्रत्याशी के समर्थन में बैठक
उधर, कासगंज के चौधरी गार्डन में समाजवादी पार्टी ने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर बैठक की। इसकी अध्यक्षता पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष जाहिदा सुल्तान ने की, जबकि सांसद देवेश शाक्य मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
बैठक में आगरा खंड से सपा प्रत्याशी शशांक यादव (सीटू) के समर्थन में मतदाताओं से संपर्क करने और उनके पक्ष में मतदान की अपील करने की रणनीति पर चर्चा हुई। जाहिदा सुल्तान ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर चुनाव प्रचार करने और स्नातक मतदाताओं तक पार्टी की नीतियां पहुंचाने का आह्वान किया।
11 सीटों पर होगा मतदान
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव-2026 के तहत पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होना है। चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा और प्रबंधन से जुड़े इंतजाम किए हैं। वहीं, मतदाता सूची में मामूली त्रुटियों के संबंध में जारी निर्देशों से पात्र मतदाताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।




