पति की मौत के बाद संपत्ति पर किया दावा, भूमाफिया से मिलीभगत कर कराया बैनामा; मकान पर दूसरे का कब्जा देख पीड़िता के उड़े होश
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में संपत्ति की धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पति की मौत के बाद एक महिला पर खुद को उसकी पत्नी बताकर करोड़ों रुपये की संपत्ति महज 55 लाख रुपये में बेचने का आरोप लगा है। पीड़िता का दावा है कि संपत्ति को लेकर न्यायालय से स्टे आदेश होने के बावजूद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मकान का बैनामा करा दिया गया। मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी महिला समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामला कृष्णानगर के विजय नगर और इंद्रलोक कॉलोनी स्थित मकान से जुड़ा है। चिनहट के कमता चर्च रोड स्थित अजय नगर निवासी सीमा बाजपेई के अनुसार, उनके पति देवेंद्र नाथ मिश्रा उर्फ आजाद की 26 अप्रैल 2021 को मृत्यु हो गई थी। पति-पत्नी के बीच पहले से पारिवारिक विवाद चल रहा था। भरण-पोषण से संबंधित मामला फैमिली कोर्ट में विचाराधीन था, जिस पर 26 जुलाई 2022 को आदेश भी पारित हुआ था।
पति के घर में रहने लगी दूसरी महिला
सीमा बाजपेई का आरोप है कि पति की मृत्यु के बाद जब वह कृष्णानगर स्थित मकान पहुंचीं तो उन्हें पता चला कि सुलतानपुर निवासी रेखा देवी वहां रहने लगी हैं। पीड़िता के मुताबिक, रेखा देवी का उनके पति से पत्नी के रूप में कोई वैध संबंध नहीं था। आरोप है कि उन्होंने इस स्थिति का फायदा उठाते हुए कथित भूमाफिया स्वप्निल शुक्ला, सुनील कुमार शुक्ला और सतीश कुमार के साथ मिलकर संपत्ति पर कब्जा करने की साजिश रची।
स्टे के बावजूद 55 लाख में कराया बैनामा
पीड़िता ने आरोप लगाया कि रेखा देवी ने खुद को उनके दिवंगत पति की पत्नी बताकर कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कराए और स्वप्निल शुक्ला की मदद से न्यायालय से स्टे आदेश भी प्राप्त किया। इसके बावजूद 18 जनवरी 2023 के बाद उनकी करोड़ों रुपये की संपत्ति का बैनामा महज 55 लाख रुपये में कर दिया गया। पीड़िता का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई उनकी अनुपस्थिति में और कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर की गई।
शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने के बाद पहुंचीं कोर्ट
सीमा बाजपेई के मुताबिक, उन्होंने इस धोखाधड़ी की शिकायत कई अधिकारियों से की, लेकिन उन्हें केवल जांच का आश्वासन मिलता रहा। इसके बाद उन्होंने 18 अक्टूबर 2025 को वजीरगंज थानाध्यक्ष और 17 नवंबर 2025 को पुलिस आयुक्त को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी। आरोप है कि इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
अंततः पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर वजीरगंज पुलिस ने रेखा देवी, स्वप्निल शुक्ला, सुनील कुमार शुक्ला और सतीश कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी एवं जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब जांच में संपत्ति के दस्तावेजों, कथित बैनामे और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी।




