कांग्रेस और सपा की शिकायतों के बाद जांच में मिलीं खामियां; जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश, प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर होगी जांच
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की शिकायतों के बाद निर्वाचन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची की जांच में खामियां सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने दो उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) को उनके मौजूदा कार्यक्षेत्र से हटाकर जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। इसके साथ ही अन्य अधिकारियों की तैनाती में भी बदलाव किया गया है। निर्वाचन विभाग ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जांच में सामने आईं मतदाता सूची की खामियां
कांग्रेस ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पीलीभीत की मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। इसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की शिकायतों की जांच कराई। जिला निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट में कुछ खामियों की पुष्टि हुई।
जांच के अनुसार, कुछ मामलों में मतदाता पहचान पत्र संख्या (ईपीआईसी नंबर) को ऑनलाइन खोजने पर किसी अन्य मतदाता का नाम प्रदर्शित हो रहा था। निर्वाचन विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
दो एसडीएम जिला मुख्यालय से संबद्ध
जिलाधिकारी आलोक कुमार ने निर्वाचन विभाग के निर्देशों के बाद प्रशासनिक फेरबदल किया। उपजिलाधिकारी अमरिया हेमंत चौधरी और उपजिलाधिकारी पूरनपुर मयंक गोस्वामी को जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
इसके अलावा विभिन्न अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पूरनपुर में उपजिलाधिकारी न्यायिक के पद पर तैनात राकुमार बैठा को अमरिया का एसडीएम बनाया गया है। बीसलपुर के एसडीएम नागेंद्र पांडेय को पूरनपुर भेजा गया है। कलीनगर के एसडीएम प्रमेश कुमार को बीसलपुर की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि पीलीभीत में उपजिलाधिकारी न्यायिक पवन कुमार को कलीनगर का एसडीएम नियुक्त किया गया है।
जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और वीआरसी ऑपरेटर को पद से हटाकर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाए। मामले में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की बात कही गई है।
पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र के सभी सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए भी रिपोर्ट मांगी गई है। निर्वाचन विभाग का कहना है कि जांच में सामने आई खामियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
13,150 मतदाताओं के नाम को लेकर शिकायत
सपा और कांग्रेस ने शिकायत में आरोप लगाया था कि 13,150 मतदाताओं के ईपीआईसी नंबर सही होने के बावजूद सूची में नामों से जुड़ी गड़बड़ियां हैं। इसके अलावा 854 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने और ऐसे 2,600 मतदाताओं के नाम जोड़े जाने की शिकायत की गई थी, जिनके संबंधित क्षेत्र में रहने पर सवाल उठाए गए। इन आरोपों की जांच और सूची में आवश्यक सुधार की प्रक्रिया निर्वाचन विभाग के निर्देशों के तहत आगे बढ़ेगी।
प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर होगी जांच
पीलीभीत के मामले के बाद निर्वाचन विभाग ने उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की जांच कराने की तैयारी की है। अगले दो दिनों में जांच के दौरान जहां भी गड़बड़ियां मिलेंगी, वहां सूची में सुधार के साथ जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बस्ती सदर, हरैया, महादेवा और रुदौली विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों को लेकर भी सपा की ओर से शिकायतें की गई हैं। निर्वाचन विभाग अब इन शिकायतों समेत अन्य क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा करेगा। मतदाता सूची को सही और पारदर्शी बनाने के लिए जांच के परिणामों के आधार पर आगे कदम उठाए जाएंगे।




