32 बीघा जमीन के विवाद में अधिवक्ता की हत्या का आरोप, तीन शूटरों और सुपारी देने वाला आरोपी गिरफ्तार; मुख्य आरोपी मोनू पर 25 हजार का इनाम
जालौन। कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन अहिरवार (68) की अपहरण के बाद हत्या के मामले में पुलिस जांच में साजिश की नई परतें सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, करीब 32 बीघा जमीन के विवाद में मैनपुरी निवासी और कानपुर में रह रहे प्रॉपर्टी कारोबारी इंद्रजीत यादव ने अधिवक्ता की हत्या कराने के लिए मोनू यादव को 10 लाख रुपये की सुपारी दी थी। पुलिस का दावा है कि मोनू के पिता अजय कुमार ने भी साजिश रचने में भूमिका निभाई और बेटे को वारदात की जिम्मेदारी सौंपी। मुख्य आरोपी मोनू फरार है। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
पुलिस ने हत्या और अपहरण में शामिल बताए जा रहे तीन आरोपियों सर्वेश शुक्ला, आशीष विश्वकर्मा और केशव कटियार के साथ सुपारी देने के आरोपी इंद्रजीत यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब मोनू और उसके पिता अजय की भूमिका को लेकर आगे की कार्रवाई कर रही है।
जमीन विवाद से शुरू हुई हत्या की साजिश
एसपी सुरेश चंद्र रावत के अनुसार, गयादीन अहिरवार और इंद्रजीत यादव के बीच करीब 32 बीघा यानी छह हेक्टेयर जमीन को लेकर विवाद और मुकदमेबाजी चल रही थी। पुलिस जांच में सामने आया कि इंद्रजीत किसी भी कीमत पर अधिवक्ता को रास्ते से हटाना चाहता था।
पुलिस के मुताबिक, मोनू का पिता अजय कुमार इंद्रजीत के यहां मालिश करने जाता था। इसी दौरान इंद्रजीत ने उसे जमीन विवाद के बारे में बताया और गयादीन की हत्या कराने की बात कही। आरोप है कि अजय ने पहले इस पर सहमति जताई, लेकिन काफी समय तक वारदात नहीं हुई। इसके बाद इंद्रजीत ने व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर उस पर दबाव बनाया।
जांच में पुलिस को अजय के मोबाइल से इंद्रजीत और मोनू के बीच हुई व्हाट्सएप चैट मिली है। पुलिस का कहना है कि इन संदेशों से हत्या की साजिश और सुपारी से जुड़े तथ्य सामने आए। इसके बाद इंद्रजीत को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अजय को भी साजिश में सहयोगी मानते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
चाय पीने के बहाने कार में बैठाकर किया अपहरण
पुलिस के अनुसार, 31 अक्टूबर को गयादीन अहिरवार को फाइल पर चर्चा करने के बहाने बुलाया गया था। वह बेटे हर्ष के साथ दुर्गा मंदिर चौराहे पहुंचे, जहां कार में तीन लोग पहले से मौजूद थे। आरोप है कि उनमें से एक ने गयादीन के पैर छुए और चाय पीने के बहाने उन्हें कार में बैठाकर अपने साथ ले गया।
बिना नंबर की कार देखकर बेटे हर्ष को शक हुआ। उसने पिता को फोन किया, लेकिन कुछ देर घंटी बजने के बाद मोबाइल बंद हो गया। हर्ष ने स्कूटी से कार का पीछा भी किया, लेकिन आरोपियों का पता नहीं चल सका। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।
अपहरण के बाद बनवाया वीडियो, हत्या कर नहर में फेंका शव
पुलिस के मुताबिक, अपहरण के बाद आरोपियों ने गयादीन से एक वीडियो भी बनवाया था। इसमें उनसे कहलवाया गया कि उनका अपहरण नहीं हुआ है और वह सुरक्षित हैं। पुलिस का दावा है कि अधिवक्ता को अनहोनी की आशंका हुई तो उन्होंने विरोध किया, जिसके बाद आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और दबाव डालकर वीडियो में बयान दिलवाया।
इसके बाद आरोपियों ने उनकी हत्या कर दी और शव कानपुर के गुजैनी थाना क्षेत्र में गंभीरपुर के पास नहर में फेंक दिया। रविवार सुबह पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर शव बरामद किया।
कार बरामदगी के दौरान मुठभेड़, दो आरोपी घायल
पुलिस के अनुसार, वारदात में इस्तेमाल कार की बरामदगी के लिए आरोपियों को कालपी के जंगल क्षेत्र में ले जाया गया था। इस दौरान आशीष विश्वकर्मा और सर्वेश शुक्ला ने भागने की कोशिश की और वहां छिपाए गए असलहों से पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी। तीसरे आरोपी केशव कटियार को भी पुलिस ने पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सर्वेश शुक्ला निवासी एच ब्लॉक बर्रा, आशीष विश्वकर्मा निवासी न्यू डायमंड सिटी पिपौरी और केशव कटियार निवासी वरुण विहार कॉलोनी, बर्रा के रूप में हुई है। तीनों कानपुर के रहने वाले हैं। पुलिस मुख्य आरोपी मोनू यादव की तलाश में दबिश दे रही है।
अधिवक्ताओं में आक्रोश, दो दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला
गयादीन अहिरवार की हत्या के विरोध में जिले के अधिवक्ताओं में आक्रोश है। सोमवार को वकीलों ने न्यायिक कार्य नहीं किया। जिला बार संघ की आमसभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि विरोध स्वरूप अधिवक्ता दो दिन और न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।
बार संघ ने यह भी फैसला किया कि हत्याकांड के आरोपियों की ओर से कोई अधिवक्ता पैरवी नहीं करेगा। जिला बार संघ अध्यक्ष ऋषि कुमार पटेल की अध्यक्षता और महासचिव डॉ. साधना त्रिपाठी के संचालन में हुई बैठक में मृतक के परिवार को पांच करोड़ रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई गई।
मुख्य आरोपी की तलाश, गैंगस्टर और एनएसए की कार्रवाई की तैयारी
एसपी सुरेश चंद्र रावत के मुताबिक, पुलिस को मोबाइल चैट और पूछताछ से साजिश से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। मुख्य आरोपी मोनू यादव की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं। पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
एसपी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले में साजिश रचने और सहयोग करने वाले अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।



