रामपुर जेल से रिहा होते ही ईडी ने किया था गिरफ्तार, जौहर विश्वविद्यालय में कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है मामला
गाजियाबाद। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की जेल से रिहाई के कुछ ही देर बाद मुश्किलें फिर बढ़ गईं। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गिरफ्तारी के बाद रविवार को गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अदालत के आदेश के बाद अब आजम खान को डासना जेल में रखा जाएगा।
ईडी की टीम रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आजम खान को अदालत में पेश करने पहुंची। इस दौरान ईडी अधिकारियों के साथ सीआरपीएफ और पुलिस के जवान भी मौजूद रहे। अदालत में सुनवाई के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया।
दरअसल, आजम खान शनिवार शाम करीब 6:57 बजे रामपुर जिला जेल से रिहा हुए थे। वह लगभग 11 महीने 14 दिन बाद अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ जेल से बाहर आए थे। हालांकि, उनकी रिहाई की खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। जेल के बाहर पहले से मौजूद ईडी की लखनऊ जोनल टीम ने शाम करीब 7:17 बजे उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार कर लिया। इस तरह वह महज 20 मिनट ही खुली हवा में रह सके। गिरफ्तारी के बाद उन्हें ईडी मुख्यालय ले जाया गया, जहां रातभर पूछताछ की गई।
जौहर विश्वविद्यालय से जुड़ा है मामला
ईडी की यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है। जांच एजेंसी के अनुसार, विश्वविद्यालय के निर्माण में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच की जा रही है। ईडी ने इस मामले में रामपुर के अजीमनगर थाने में दर्ज 26 मुकदमों को आधार बनाकर जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान ईडी ने बुधवार को रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय की करीब 1,170 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की थीं। एजेंसी की जांच में विश्वविद्यालय में कथित तौर पर 426.46 करोड़ रुपये की अवैध धनराशि खपाए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना है।
दो पैन कार्ड मामले में मिली थी राहत
गौरतलब है कि 29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में आजम खान की 10 साल की सजा को निलंबित कर दिया था। इसके बाद शनिवार को उनकी रामपुर जेल से रिहाई हुई थी। वह 17 नवंबर 2025 को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद जेल में बंद थे।
इससे पहले दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में 18 अक्टूबर 2023 को आजम खान, उनकी पत्नी तजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को सात-सात साल की सजा सुनाई गई थी।
आजम खान की रिहाई के बाद उनके समर्थकों में खुशी का माहौल था। उनके बेटे अब्दुल्ला आजम समर्थकों के साथ घर पहुंचे और इस दौरान आतिशबाजी भी की गई। लेकिन ईडी की गिरफ्तारी और अब अदालत से 14 दिन की न्यायिक हिरासत मिलने के बाद आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं।




