भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ने कहा—राजनीतिक विरोध की अपनी मर्यादा होनी चाहिए; बलिया में मंत्री ने बयान को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
लखनऊ/बलिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कथित अमर्यादित टिप्पणी पर भाजपा नेताओं ने नाराजगी जताई है। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाहा और उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बयान की निंदा करते हुए कांग्रेस नेतृत्व से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
सरोज कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री देश के करोड़ों नागरिकों के जनादेश और विश्वास का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में उनके प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल राजनीतिक मर्यादाओं और लोकतांत्रिक संवाद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और प्रधानमंत्री की आलोचना करने का अधिकार सभी को है, लेकिन राजनीतिक विरोध के दौरान भाषा की मर्यादा बनाए रखना भी जरूरी है।
सरोज कुशवाहा ने कांग्रेस नेतृत्व से मांगा जवाब
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास जब जनहित के मुद्दों पर ठोस तर्क नहीं होते, तो वह व्यक्तिगत टिप्पणियों का सहारा लेने लगता है। उन्होंने खड़गे से अपने बयान पर आत्ममंथन करने और जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों को नीतियों और मुद्दों तक सीमित रखना चाहिए। व्यक्तिगत टिप्पणियों से राजनीतिक विमर्श की गरिमा प्रभावित होती है। भाजपा नेताओं ने भी खड़गे की टिप्पणी को लेकर नाराजगी जताते हुए कांग्रेस से जवाब मांगा है।
बलिया में मंत्री दानिश अंसारी ने भी जताई नाराजगी
बलिया में प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने खड़गे के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणियां कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दर्शाती हैं। मंत्री ने कांग्रेस और खड़गे से माफी मांगने की मांग की।
दानिश अंसारी ने प्रधानमंत्री के परिवार को लेकर की जाने वाली टिप्पणियों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राजनीतिक महत्वाकांक्षा के चलते व्यक्तिगत हमले करना उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना करते हुए पार्टी पर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर गलत रुख अपनाने का आरोप भी लगाया।
राहुल गांधी से जुड़े मामले पर भी कांग्रेस को घेरा
मंत्री दानिश अंसारी ने राहुल गांधी से जुड़े मानहानि मामले में आए फैसले का जिक्र करते हुए कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी लगातार देश के संवैधानिक ढांचे को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा नेताओं के इन बयानों के बाद प्रधानमंत्री को लेकर खड़गे की टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भाजपा ने जहां इसे राजनीतिक मर्यादा के विरुद्ध बताया है, वहीं इस मुद्दे पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया और पूरे बयान का संदर्भ राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है।




