मेरठ: बहुचर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में मेरठ जिला अदालत ने बुधवार को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को सौरभ राजपूत की हत्या का दोषी करार दिया। अदालत अब दोनों की सजा पर 14 अक्टूबर को फैसला सुनाएगी। सौरभ के परिजनों ने दोनों के लिए फांसी की सजा की मांग की है।
126 पेशियां और 22 गवाहों के बयान
मामले की करीब 16 महीने चली न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अदालत में 126 पेशियां हुईं। अभियोजन पक्ष ने 22 अहम गवाह पेश किए। इनमें हत्या से जुड़े परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के साथ ड्रम, दवा, चाकू, सीमेंट और रेत की खरीद से जुड़े लोग भी शामिल रहे। मामले में अंतिम बहस 17 सितंबर को पूरी हुई थी।
सजा पर पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय
दोषी करार दिए जाने के बाद अदालत ने सजा सुनाने के लिए 14 अक्टूबर की तारीख तय की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किए गए मुस्कान और साहिल से अदालत ने सजा के संबंध में उनका पक्ष रखने के लिए समय दिया है।
फैसले के दौरान अदालत ने अपराध की गंभीरता पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सभ्य समाज में ऐसे अपराधों के लिए जगह नहीं है। हालांकि, दोनों को कौन-सी सजा दी जाएगी, इसका फैसला 14 अक्टूबर को होगा।
परिजनों ने की फांसी की मांग
फैसले के समय सौरभ की मां, भाई और परिवार के अन्य सदस्य अदालत परिसर में मौजूद थे। दोष सिद्ध होने के बाद परिवार ने कहा कि दोनों आरोपियों के लिए फांसी की सजा से कम कुछ मंजूर नहीं है। परिजनों को उम्मीद थी कि अदालत बुधवार को ही सजा का ऐलान कर देगी।
शव को नीले ड्रम में छिपाने का आरोप
अभियोजन के अनुसार, मार्च 2025 में सौरभ राजपूत की हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें एक नीले ड्रम में डालकर सीमेंट से सील कर दिया गया। मामले के खुलासे के बाद मुस्कान और साहिल की गिरफ्तारी हुई थी। इस घटना ने देशभर में व्यापक चर्चा पैदा की थी।
मुस्कान की दो बेटियां
मुस्कान दो बेटियों की मां है। उसके पहली बेटी सौरभ से विवाह के दौरान हुई थी। गिरफ्तारी के समय मुस्कान गर्भवती थी और जेल में उसने दूसरी बेटी को जन्म दिया। फिलहाल बच्ची के पालन-पोषण की व्यवस्था जेल में किए जाने की बात सामने आई है।
अब 14 अक्टूबर को होगी सजा पर सुनवाई
अदालत के फैसले के बाद अब मामले का अगला चरण सजा पर सुनवाई का है। 14 अक्टूबर को अदालत दोनों दोषियों को सजा सुनाएगी। सजा को लेकर परिजनों की मांग और बचाव पक्ष की दलीलों पर अदालत का रुख महत्वपूर्ण रहेगा।




