ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 के पहले दिन अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए। रूस और भारत के बीच व्यापार, निवेश एवं आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए विशेष रूस-भारत बिजनेस डायलॉग आयोजित हुआ। वहीं, वियतनाम ने अपने पवेलियन और विशेष कार्यक्रमों के जरिए व्यापार, तकनीक, पर्यटन, खानपान और संस्कृति का संगम पेश किया।

रूस-भारत संवाद में कारोबार की नई संभावनाओं पर चर्चा
यूपीआईटीएस-2026 में ‘रूस-भारत : व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग के नए अवसर’ विषय पर विशेष संवाद हुआ। इसमें दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने, निवेश के नए अवसर तलाशने और औद्योगिक एवं तकनीकी सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
रूस की ओर से भारत स्थित रूसी व्यापार प्रतिनिधित्व के ट्रेड कमिश्नर आंद्रेई सोबोलेव, डिप्टी ट्रेड कमिश्नर डॉ. येवगेनी ग्रिवा समेत वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। संवाद में दोनों देशों के उद्योगों के बीच प्रत्यक्ष संपर्क बढ़ाने और कारोबारी सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान पर जोर दिया गया।
रूसी प्रतिनिधिमंडल ने यूपीआईटीएस को उत्तर प्रदेश के औद्योगिक एवं कारोबारी माहौल को समझने और प्रदेश के उद्यमियों के साथ संभावित व्यापारिक साझेदारी तलाशने के मंच के रूप में देखा। औद्योगिक तकनीक, गैस, प्रयोगशाला एवं डायग्नोस्टिक समाधान, मेडिकल ऑक्सीजन सिस्टम और व्यावसायिक सेवाओं जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
तकनीक और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं
रूस के प्रदर्शनी पवेलियन में औद्योगिक एवं तकनीकी क्षमताओं से जुड़े उत्पादों और समाधानों को प्रमुखता दी गई। इसमें औद्योगिक तकनीक एवं गैस, प्रयोगशाला व डायग्नोस्टिक समाधान, मेडिकल ऑक्सीजन सिस्टम और बिजनेस सर्विसेज से जुड़े क्षेत्र शामिल रहे।
यूपीआईटीएस में इन क्षेत्रों की मौजूदगी से उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य, विनिर्माण और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय कारोबारी संपर्क का अवसर मिला। रूस-भारत संवाद में तकनीक, उत्पादों और सेवाओं के आदान-प्रदान के साथ भविष्य में संयुक्त कारोबारी अवसरों की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
वियतनाम ने व्यापार के साथ पर्यटन और संस्कृति को भी जोड़ा
यूपीआईटीएस-2026 में वियतनाम की भागीदारी भी आकर्षण का केंद्र रही। वियतनाम ने अपने पवेलियन को केवल उत्पाद प्रदर्शनी तक सीमित न रखते हुए व्यापार, निवेश, पर्यटन, संस्कृति और खानपान के समग्र अनुभव के रूप में प्रस्तुत किया।
पवेलियन में विमानन, पर्यटन, स्वास्थ्य, कृषि, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र एवं परिधान, इलेक्ट्रिक वाहन और पुनर्चक्रित फाइबर सहित विभिन्न क्षेत्रों को प्रदर्शित किया गया। इससे भारतीय और विदेशी खरीदारों को वियतनाम के औद्योगिक और कारोबारी क्षेत्रों की विविधता को करीब से जानने का अवसर मिला।
‘इनोवेशन, टेक्नोलॉजी एंड टूरिज्म’ पर विशेष कार्यक्रम
वियतनाम की ओर से ‘वियतनाम : इनोवेशन, टेक्नोलॉजी एंड टूरिज्म’ विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें तकनीकी नवाचार और पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं को कारोबारी अवसरों से जोड़कर प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में भारत और वियतनाम के बीच पर्यटन, विमानन, स्वास्थ्य, कृषि, विनिर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। वियतनाम के राजदूत त्रिन्ह मिन्ह मान्ह के साथ वियतनाम एयरलाइंस, वियतजेट और विंग्रुप समेत विभिन्न कंपनियों एवं संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
फूड फेस्टिवल और सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बढ़ाई रौनक
वियतनाम की भागीदारी में फूड फेस्टिवल और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी खास आकर्षण रहे। वियतनामी व्यंजनों के जरिए देश की खाद्य संस्कृति को प्रदर्शित किया गया, जबकि सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संवाद को मंच प्रदान किया।
रूस और वियतनाम की भागीदारी ने यूपीआईटीएस-2026 को व्यापार और निवेश के साथ तकनीक, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का अंतरराष्ट्रीय मंच बनाया। बी2बी बैठकें, बिजनेस डायलॉग, देश विशेष सत्र और राउंडटेबल चर्चाओं के माध्यम से विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और उत्तर प्रदेश के उद्यमियों के बीच कारोबारी संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इससे प्रदेश के एमएसएमई, निर्यातकों, स्टार्टअप और बड़े उद्योगों को वैश्विक बाजारों में नए कारोबारी अवसर तलाशने का मंच मिल रहा है।




