योगी सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए 30 दिन के तदर्थ बोनस का शासनादेश किया जारी, 75 प्रतिशत राशि जीपीएफ में और 25 प्रतिशत नकद मिलेगी
दिवाली से पहले उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए पात्र कर्मचारियों को 30 दिन का तदर्थ बोनस देने का फैसला किया है। इससे प्रदेश के करीब 14 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मुख्य सचिव दीपक कुमार की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार, पात्र कर्मचारियों को अधिकतम 6,908 रुपये तक बोनस दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद वित्त विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार (तृतीय) ने गुरुवार को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया। इसके तहत पूर्णकालिक अराजपत्रित राज्य कर्मचारियों के साथ सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों और राजकीय विभागों के कार्यभारित कर्मचारियों को भी बोनस का लाभ मिलेगा।
लेवल-8 तक के कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
शासनादेश के मुताबिक, वेतन मैट्रिक्स के लेवल-8 तक के पदों पर कार्यरत अराजपत्रित कर्मचारी बोनस के पात्र होंगे। पुराने वेतनमान के अनुसार यह सीमा 4,800 रुपये ग्रेड-पे तक निर्धारित है। बोनस की गणना के लिए मासिक परिलब्धियों की अधिकतम सीमा 7,000 रुपये तय की गई है।
30 दिन की परिलब्धियों के आधार पर गणना करने पर पात्र कर्मचारियों को अधिकतम 6,908 रुपये का तदर्थ बोनस मिलेगा। इसके लिए कर्मचारी को 31 मार्च 2026 तक कम से कम एक वर्ष की निरंतर सेवा पूरी करनी जरूरी होगी।
75 प्रतिशत राशि जीपीएफ में होगी जमा
बोनस की कुल राशि का 75 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारी के सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) खाते में जमा किया जाएगा, जबकि शेष 25 प्रतिशत नकद दिया जाएगा। जिन कर्मचारियों का जीपीएफ खाता नहीं है, उनके हिस्से की धनराशि राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएससी) या लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) में जमा कराई जाएगी।
हालांकि, 31 मार्च 2026 के बाद सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों और 30 अप्रैल 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को बोनस की पूरी राशि नकद दी जाएगी। ऐसे कर्मचारियों पर जीपीएफ में 75 प्रतिशत राशि जमा करने का नियम लागू नहीं होगा।
दैनिक वेतनभोगियों को भी मिलेगा बोनस
सरकार ने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी तदर्थ बोनस के दायरे में रखा है। इसके लिए 31 मार्च 2026 तक लगातार तीन वर्ष की सेवा पूरी होना जरूरी है। साथ ही छह दिवसीय कार्य सप्ताह वाले कार्यालयों में हर साल कम से कम 240 दिन और पांच दिवसीय कार्य सप्ताह वाले कार्यालयों में 206 दिन काम करना अनिवार्य होगा।
दैनिक वेतनभोगियों के लिए बोनस की गणना अधिकतम 1,200 रुपये मासिक परिलब्धि के आधार पर की जाएगी। इस श्रेणी के पात्र कर्मचारियों को अधिकतम 1,184 रुपये तक बोनस मिल सकेगा।
अनुशासनात्मक कार्रवाई वाले कर्मचारियों पर शर्तें
शासनादेश में बोनस पाने के लिए कुछ शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। वर्ष 2025-26 के दौरान विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई या आपराधिक मुकदमे में दंडित किए गए कर्मचारियों को बोनस का लाभ नहीं मिलेगा। जिन कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई या आपराधिक मुकदमा लंबित है, उनकी बोनस राशि का भुगतान दोषमुक्त होने के बाद किया जाएगा।
सरकार के इस फैसले से पात्र राज्य कर्मचारियों और दैनिक वेतनभोगियों को त्योहार से पहले आर्थिक राहत मिलेगी।




