पुलिस जांच में सामने आया फोन नष्ट करने का मामला; ‘सर’ और प्रभावशाली लोगों से संपर्क होने की आशंका, आमिर समेत अन्य मददगारों की तलाश जारी
लखनऊ के चर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड की जांच में मॉडल श्रद्धा दुबे के मोबाइल फोन को लेकर नए तथ्य सामने आए हैं। पुलिस को आशंका है कि श्रद्धा ने नेपाल में अपना एक मोबाइल फोन तोड़कर फेंक दिया था। बताया जा रहा है कि उसने अपनी बहन रश्मि दुबे का फोन भी वहीं ठिकाने लगा दिया। हालांकि, पुलिस को दिए बयान में श्रद्धा ने केवल रश्मि का फोन नेपाल में कहीं गिर जाने की बात कही थी। अपने दूसरे मोबाइल फोन का उसने कोई जिक्र नहीं किया था।
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धा के करीबियों ने उसे फोन पुलिस के हाथ न लगने देने की हिदायत दी थी। आशंका जताई जा रही है कि मोबाइल फोन की जांच से उसके संपर्कों और कुछ प्रभावशाली लोगों से बातचीत का ब्योरा सामने आ सकता था। इनमें एक व्यक्ति को कथित तौर पर ‘सर’ कहकर संबोधित करने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन संपर्कों और फोन नष्ट करने के पीछे की वजहों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
नया फोन पुलिस को मिला, पुराने मोबाइल की तलाश
पुलिस को श्रद्धा के पास से वह मोबाइल फोन मिला था, जिसे उसने कुछ दिन पहले ही खरीदा था। बताया जा रहा है कि इस नए फोन से उसने बहुत कम लोगों से बातचीत की थी। ऐसे में जांच एजेंसियां उसके पुराने मोबाइल और उसमें मौजूद संभावित डेटा की जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही हैं।
पुलिस को दिए बयान में श्रद्धा ने अपनी बहन रश्मि का फोन नेपाल में गिर जाने की बात कही थी, लेकिन अपने दूसरे फोन के बारे में जानकारी नहीं दी थी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों मोबाइल फोन कब और किन परिस्थितियों में नष्ट किए गए।
वकील से मिलने के बाद बदला सरेंडर का प्लान
नेपाल से लखनऊ लौटने के बाद श्रद्धा हाईकोर्ट में एक वकील से मिलने गई थी। बताया जा रहा है कि इसके बाद उसने एक मीडिया संस्थान को भी बयान दिया था और सरेंडर करने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान उसके पास अचानक फोन आया। बातचीत के बाद उसने सरेंडर का इरादा बदल दिया और कानपुर चली गई।
इसके बाद वह लगातार अपनी लोकेशन बदलती रही। पुलिस अब उस फोन कॉल और बातचीत से जुड़े लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि श्रद्धा को फरार रहने में कुछ लोगों ने मदद की थी।
आमिर पर मदद करने का आरोप, अब तक गिरफ्त से बाहर
डीसीपी अर्पित विजयवर्गीय ने पहले बयान में बताया था कि श्रद्धा ने पूछताछ के दौरान आमिर का नाम लिया है। पुलिस के अनुसार, आमिर ने उसे नेपाल पहुंचने में मदद की थी। मामले की एफआईआर में उसका नाम शामिल करने की बात भी कही गई थी।
हालांकि, पुलिस के मुताबिक, आमिर अभी तक गिरफ्तार नहीं हुआ है। श्रद्धा को फरारी के दौरान मदद पहुंचाने वाले अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
नौ अक्टूबर को चौथी मंजिल से गिरकर हुई थी शिवा की मौत
गौरतलब है कि नौ अक्टूबर की रात हजरतगंज क्षेत्र में चिकन कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वह श्रद्धा दुबे के अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए थे। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
शिवा की मां रंजना शर्मा ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और चालक दानिश समेत अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। परिवार ने आरोप लगाया था कि शिवा के साथ मारपीट और प्रताड़ना की गई तथा उन्हें अपार्टमेंट से नीचे फेंका गया। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है।
नेपाल भागने के बाद गिरफ्तार किए गए थे आरोपी
घटना के बाद श्रद्धा के नेपाल भागने की सूचना सामने आई थी। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया और बाद में विशेष कार्यबल (एसटीएफ) को भी जांच में लगाया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को नागपुर से गिरफ्तार किया गया था।
फिलहाल पुलिस श्रद्धा के मोबाइल फोन, उसके संपर्कों, कथित मददगारों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने और साक्ष्य सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि फरारी के दौरान किन लोगों ने उसकी मदद की और मोबाइल फोन नष्ट करने के पीछे क्या वजह थी।




