व्हाट्सऐप पर एम-परिवहन के नाम से भेजी गई APK फाइल बनी ठगी का जरिया, साइबर क्राइम पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
आगरा। साइबर ठग अब फर्जी ट्रैफिक चालान के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं। आगरा में एक युवक को व्हाट्सऐप पर एम-परिवहन के नाम से चालान का मैसेज भेजकर 8.64 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। पीड़ित के मुताबिक, मैसेज के साथ भेजी गई एपीके (APK) फाइल खोलने के बाद उसका मोबाइल हैंग हो गया। कुछ देर बाद उसके बैंक खाते से रकम निकाल ली गई। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
फर्जी चालान के मैसेज से शुरू हुई ठगी
सदर थाना क्षेत्र के शहजादी मंडी निवासी विकास अग्रवाल ने साइबर क्राइम पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 26 सितंबर को उनके व्हाट्सऐप पर एम-परिवहन के नाम से चालान का मैसेज आया था। मैसेज खोलने पर उसके साथ जुड़ी एपीके फाइल सामने आई। पीड़ित के अनुसार, फाइल खोलने के बाद उनका मोबाइल हैंग हो गया।
इसके कुछ समय बाद उनके मोबाइल पर कई ओटीपी आने लगे। इसी दौरान उनके बैंक खाते से 8.64 लाख रुपये निकाल लिए गए। खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलने पर उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई।
कई खातों में घुमाई गई ठगी की रकम
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए उन बैंक खातों को फ्रीज कराया गया है, जिनमें ठगी की रकम भेजी गई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि साइबर ठगों ने रकम को कई खातों में ट्रांसफर किया और इसके बाद उसे निकाल लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
APK फाइल इंस्टॉल करने से पहले बरतें सावधानी
डीसीपी आदित्य सिंह ने लोगों को साइबर ठगी से सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल एपीके फाइल डाउनलोड होने से हर बार मोबाइल हैक नहीं होता, लेकिन ऐसी फाइल को इंस्टॉल करना और उसे अनावश्यक अनुमतियां देना जोखिम बढ़ा सकता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि अनजान नंबरों से आने वाले चालान, बैंक अपडेट या अन्य जरूरी सूचना के नाम पर भेजे गए लिंक और फाइलों पर आंख बंद करके भरोसा न करें। किसी भी चालान की जानकारी संबंधित आधिकारिक पोर्टल या सरकारी ऐप पर जाकर ही जांचें। मोबाइल पर आए ओटीपी किसी के साथ साझा न करें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत बैंक तथा साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।




