चारबाग और लखनऊ जंक्शन पर कम होगा दबाव, सीआरएस की मंजूरी के बाद शुरू होगा संचालन; करीब पांच लाख लोगों को मिलेगी राहत
लखनऊ राजधानी के रेल यात्रियों को जल्द एक नए स्टेशन की सुविधा मिल सकती है। ट्रांसपोर्टनगर रेलवे स्टेशन को यात्री स्टेशन के रूप में विकसित करने की तैयारी है। अभी यहां मुख्य रूप से मालगाड़ियों और सामान की लोडिंग-अनलोडिंग का काम होता है। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल इस संबंध में प्रस्ताव भेज चुका है। अब कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) की मंजूरी मिलने का इंतजार है।
चारबाग स्टेशन पर घटेगा दबाव
ट्रांसपोर्टनगर से यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू होने पर चारबाग और लखनऊ जंक्शन पर यात्रियों की भीड़ कम करने में मदद मिल सकती है। रेलवे पहले भी ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर शिफ्ट करने और मौजूदा स्टेशनों को विकसित करने की दिशा में कदम उठा चुका है। चारबाग स्टेशन के उन्नयन के साथ कई स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बेहतर बनाया जा रहा है।
मेल-एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों का ठहराव संभव
उतरेटिया से ट्रांसपोर्टनगर के बीच डबल लाइन का काम पूरा होने के बाद इस स्टेशन से यात्री ट्रेनों के संचालन की योजना आगे बढ़ी है। स्टेशन शुरू होने पर यहां से गुजरने वाली कुछ ट्रेनों का ठहराव भी संभव हो सकेगा। इससे हरदोई, शाहजहांपुर, मुरादाबाद और दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, किन ट्रेनों का ठहराव होगा और कौन-सी ट्रेनें यहां से चलेंगी, इसकी अंतिम जानकारी मंजूरी और रेलवे की योजना के बाद स्पष्ट होगी।
मेट्रो और सड़क मार्ग से भी जुड़ाव
ट्रांसपोर्टनगर स्टेशन की एक खासियत इसकी कनेक्टिविटी है। यात्री मेट्रो के जरिए यहां पहुंच सकेंगे। इसके अलावा एयरपोर्ट, आलमनगर बस अड्डे और अमौसी में तैयार हो रहे बस अड्डे से भी सड़क संपर्क उपलब्ध रहेगा। आगरा एक्सप्रेसवे, कानपुर एक्सप्रेसवे और शहीद पथ के आसपास रहने वाले यात्रियों को भी इसका लाभ मिल सकता है।
यात्रियों के लिए बनेंगी जरूरी सुविधाएं
यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू करने से पहले स्टेशन पर टिकटिंग व्यवस्था, ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन, पानी की सुविधा, एसी लाउंज और यात्रियों के बैठने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। सुरक्षा संबंधी इंतजाम भी किए जाएंगे, ताकि यात्रियों को स्टेशन पर जरूरी सुविधाएं मिल सकें।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, ट्रांसपोर्टनगर को यात्री स्टेशन बनाने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। सीआरएस की अनुमति मिलने के बाद ही यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे राजधानी के दक्षिणी हिस्से और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को चारबाग तक जाने की जरूरत कम पड़ सकती है।




