लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों के विरोध पर सवाल उठाए हैं। रविवार को लखनऊ स्थित अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर चुनाव आयोग तथा संवैधानिक संस्थाओं को लेकर सवाल उठाने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव में जीत मिलने पर विपक्षी दल इसे अपनी राजनीतिक उपलब्धि बताते हैं, जबकि हार के बाद ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हैं। उनके मुताबिक, इस तरह की बयानबाजी से संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर असर पड़ता है। ये मुख्यमंत्री के आरोप हैं; विपक्ष की ओर से SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अलग-अलग आपत्तियां सार्वजनिक रूप से सामने आई हैं।
राहुल गांधी के बयानों पर भी साधा निशाना
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर दिए गए बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष को संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने के बजाय अपनी आपत्तियां निर्धारित लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के माध्यम से सामने रखनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने SIR से जुड़े मुद्दों, छूटे हुए मतदाताओं और फॉर्म-6 को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों से अपने रुख पर पुनर्विचार करने तथा जनता और संवैधानिक संस्थाओं से माफी मांगने की मांग की।
बोले- पहले भी हो चुका है SIR
SIR को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब देश में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया अपनाई गई है। उन्होंने 1952, 1957, 1961, 1965-66 और 2003 में ऐसी प्रक्रियाओं का उल्लेख किया।
योगी ने कहा कि इसके बावजूद वर्तमान SIR को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आरजेडी और अन्य विपक्षी दलों की ओर से लगातार सवाल उठाना उचित नहीं है।
संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल को लेकर जताई आपत्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में मतदाता सूची तैयार करने और उसमें नाम शामिल कराने की निर्धारित प्रक्रिया मौजूद है। उनके मुताबिक, इस प्रक्रिया को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा करने से लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लोगों का भरोसा प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने विपक्षी दलों से SIR और चुनाव आयोग से जुड़े अपने आरोपों को लेकर स्थिति स्पष्ट करने तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जिम्मेदार रवैया अपनाने की अपील की। दूसरी ओर, कांग्रेस ने SIR की प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में अधिक पारदर्शिता की मांग की है।




