सआदतगंज के नौबस्ता में फायरिंग से मचा हड़कंप, भारतीय नौसेना में तैनात जवान ऋषभ शुक्ला हिरासत में
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज क्षेत्र के नौबस्ता में पार्किंग और चबूतरे को लेकर हुआ विवाद जानलेवा साबित हुआ। कथित तौर पर हुई फायरिंग में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मामले में आरोपी ऋषभ शुक्ला को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद के दौरान गोली चलने से शिवा तिवारी, उनके बेटे सुयश और भाई शंभू उर्फ शिवेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां तीनों की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की और मामले से जुड़े तथ्यों को जुटाना शुरू किया।

चबूतरे और कार पार्किंग को लेकर था विवाद
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी ऋषभ के घर के पास बरगद का एक पेड़ है। बताया जा रहा है कि पेड़ के पास मोहल्ले के लोगों के पूजा-पाठ के लिए चबूतरा बनाने को लेकर चर्चा चल रही थी। इस प्रस्ताव पर मोहल्ले के कई लोग सहमत थे, जबकि ऋषभ इसका विरोध कर रहा था। इस मुद्दे को लेकर पहले से ही मतभेद होने की बात सामने आई है।
घटना वाले दिन शिवा ने अपनी कार बरगद के पेड़ के पास खड़ी की थी। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि कहासुनी के बाद ऋषभ ने फायरिंग कर दी, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई। हालांकि, घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
दिसंबर में होनी थी सुयश की शादी
मृतक शिवा तिवारी बिजली विभाग से सेवानिवृत्त थे। बताया गया है कि वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में जिला सह कार्यवाह की जिम्मेदारी भी निभा चुके थे। उनके भाई शंभू उर्फ शिवेंद्र और बेटे सुयश की भी इस घटना में मौत हो गई। सुयश बिजली की दुकान चलाते थे और दिसंबर में उनकी शादी होनी थी।
एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से परिजनों और परिचितों में शोक का माहौल है।
पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी ऋषभ शुक्ला को हिरासत में लिया है। पुलिस विवाद की वजह, फायरिंग की परिस्थितियों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।




