आगरा: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के आगरा स्थित एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ADRDE) ने मंगलवार को दो महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। पहली बार आगरा में विकसित पैराशूट से लद्दाख के न्योमा में पैराट्रूपर्स ने करीब 16 हजार फीट की ऊंचाई से सफल और सुरक्षित जंप किया। वहीं, ADRDE के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित हाई एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म सिस्टम (HAPS) का भी सफल उड़ान परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान प्लेटफॉर्म करीब 21 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचा और लगभग 20 किलोमीटर की ऊंचाई पर 30 मिनट से अधिक समय तक उड़ान भरता रहा।
इन दोनों सफल परीक्षणों को भारत की निगरानी और सामरिक क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। HAPS जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल भविष्य में सीमावर्ती क्षेत्रों में लंबे समय तक निगरानी और रियल टाइम जानकारी जुटाने के लिए किया जा सकता है।
21 किमी की ऊंचाई तक पहुंचा HAPS
ADRDE के वैज्ञानिकों की टीम ने हाई एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म तैयार किया है। इसका परीक्षण मंगलवार को मध्य प्रदेश में किया गया। जमीन पर बनाए गए कंट्रोल स्टेशन से प्लेटफॉर्म की उड़ान पर लगातार नजर रखी गई। इस दौरान प्लेटफॉर्म से रियल टाइम वीडियो और उड़ान से संबंधित विभिन्न आंकड़े प्राप्त होते रहे।
HAPS में GPS, कैमरे, ऊंचाई नियंत्रित करने वाली प्रणाली समेत कई आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। निर्धारित परीक्षण पूरा होने के बाद प्लेटफॉर्म को वापस नीचे लाने का निर्देश दिया गया, जिसके बाद इसे सुरक्षित तरीके से जमीन पर उतारकर रिकवर कर लिया गया। परीक्षण से मिले आंकड़ों का अब विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है।
सीमाओं की निगरानी में हो सकता है उपयोग
बहुत अधिक ऊंचाई पर लंबे समय तक उड़ान भरने की क्षमता के कारण HAPS को निगरानी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए उपयोगी माना जा रहा है। इससे भविष्य में चीन, पाकिस्तान और अन्य संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी क्षमता को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
इस सफल परीक्षण में भारतीय वायुसेना, सीईएमआईएलएसी, डीजीसीए, एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया समेत विभिन्न एजेंसियों ने सहयोग किया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने HAPS के सफल परीक्षण पर DRDO, भारतीय वायुसेना, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और उद्योग जगत को बधाई दी। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और ADRDE के वैज्ञानिकों के प्रयासों की सराहना की।
न्योमा में 16 हजार फीट से सफल पैराशूट जंप
ADRDE की दूसरी बड़ी उपलब्धि लद्दाख के न्योमा में सामने आई। यहां ADRDE द्वारा डिजाइन और विकसित एडवांस्ड हाई एल्टीट्यूड पैराशूट (AHAP) से पैराट्रूपर्स ने करीब 16 हजार फीट की ऊंचाई से सफल जंप किया।
न्योमा के मुध ड्रॉप जोन में किए गए इस लाइव जंप के जरिए ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पैराशूट की क्षमता और सामरिक उपयोगिता का परीक्षण किया गया। पैराशूट करीब 15,500 फीट की ऊंचाई पर खोला गया, जबकि पैराट्रूपर्स ने करीब 13,700 फीट की ऊंचाई पर स्थित ड्रॉप जोन में सुरक्षित लैंडिंग की।
18 हजार फीट तक ऑपरेशनल रेंज
AHAP को खास तौर पर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पैराट्रूपर्स की बड़े पैमाने पर स्टैटिक लाइन ड्रॉपिंग के लिए विकसित किया गया है। इसकी ऑपरेशनल रेंज करीब 18 हजार फीट तक बताई गई है। इसमें अलग-अलग डिप्लॉयमेंट मोड के साथ अपेक्षाकृत सुरक्षित उतरने की सुविधा दी गई है।
ADRDE की इन दोनों उपलब्धियों से ऊंचाई वाले और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भारतीय सुरक्षा बलों की हवाई तैनाती और निगरानी क्षमता को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।




