मदुरै (तमिलनाडु)। तमिलनाडु पुलिस की मूर्ति तस्करी रोकथाम इकाई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब एक करोड़ रुपये कीमत की तिरुगनसंबंदर की प्राचीन धातु की प्रतिमा बरामद की है। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। बरामद प्रतिमा करीब 15वीं शताब्दी की बताई जा रही है और इसका संबंध विजयनगर काल से बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, सूचना मिली थी कि मदुरै जिले के वंडियूर स्थित सेट्टू सिल्वर कंपनी में रखी तिरुगनसंबंदर की धातु प्रतिमा चोरी हो गई है। सूचना के आधार पर टीम ने मदुरै-तिरुमंगलम फोरलेन हाईवे जंक्शन के पास एट्टियापुरम ग्रोव इलाके में निगरानी शुरू की।
इसी दौरान 29 सितंबर को पुलिस ने संदिग्ध परिस्थितियों में वहां पहुंची एक इनोवा कार को रोककर तलाशी ली। कार से तिरुगनसंबंदर की प्राचीन धातु प्रतिमा बरामद हुई। प्रतिमा के साथ उसका पेडस्टल भी मिला। पुलिस ने प्रतिमा और कार को कब्जे में ले लिया।
15वीं शताब्दी की बताई गई प्रतिमा
पुलिस के मुताबिक, प्रतिमा के अध्ययन से इसके 15वीं शताब्दी के विजयनगर काल की होने के संकेत मिले हैं। करीब तीन फीट लंबी इस धातु की प्रतिमा का वजन 2.180 किलोग्राम है। वर्तमान में इसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है।
मामले में मदुरै निवासी जयवेलन (48), पंडियाराजन (37) और अकबर (52) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपियों को बरामद प्रतिमा और कार के साथ मदुरै स्थित अतिरिक्त मुख्य आपराधिक न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया।
दो सप्ताह की न्यायिक हिरासत
अदालत ने तीनों आरोपियों को दो सप्ताह की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद उन्हें विरुधुनगर जिला जेल में दाखिल कराया गया। मामले की जांच मदुरै मूर्ति तस्करी रोकथाम इकाई के पुलिस निरीक्षक जयकुमार को सौंपी गई है।
जांच टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्राचीन प्रतिमा मूल रूप से कहां से आई थी और इसके चोरी तथा तस्करी से जुड़े तार किन लोगों तक पहुंचते हैं। पुलिस प्रतिमा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और उससे जुड़े अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
मूर्ति तस्करी रोकथाम इकाई की अतिरिक्त पुलिस निदेशक कल्पना नायक, पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार गिरी और पुलिस अधीक्षक एम. चंद्रशेखरन ने टीम की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।




